मंगलवार, 4 अगस्त 2015

माय बेस्ट फ्रेंड







हाँ, बेस्टेस्ट फ्रेंड तो आप ही हो और रहोगे …  

और यह शत प्रतिशत सच है, पर, फिर भी लगातार अपनी उपस्तिथि दर्ज़ कराते रहते हो।
यूँ तो आप पैंट शर्ट में भी हैंडसम लगते हो  मगर सबसे ज्यादा आपके ऊपर सफ़ेद एम्ब्रॉयडर्ड कुर्ता पायजामा ही जंचता है।   

देखो न, अब जब कल मैंने आपको वहीं कलफ़दार कुर्ते पायजामे में चाय पीते हुए देखा, सहसा विश्वास नहीं हुआ। पूछ ही डाला, आप तो 2011 में चले गए थे , न …   तो , इतने दिन कहाँ थे ? आप मुस्कराये , फिर बोलते है … "मैं तो हमेशा ही तुम्हारे आसपास हूँ ।" 

पता नहीं, पर 'बापी', आजकल आप रोज़ मेरे सपनें में आ रहे है, और कल जो हमारी बातचीत हुई , वह दिमाग से जा ही नहीं रही है। ऐसा प्रतीत हुआ जैसे एकदम सचमुच   … 
शायद आपके आखिरी वक़्त में आपके पास नहीं होने की वजह से, मैं आपके स्नेह के लिए बेचैन हो उठती हूँ। कितनी बातें बांटने को है   …  

भीड़ में ढूढ़ती हूँ आज भी   … 
और किसी कच्चे पक्के बाल वाले कुर्ते पायजामे वाले को मुढ़ मुढ़ कर देखना नहीं भूलती, कि क्या पता …  !!

तुम्हारी लविंग डॉटर 

- निवेदिता दिनकर 
  04/08/2015

नोट : दोनों तस्वीरों के बीच लगभग २५ साल का फासला है …  " पिता पुत्री " 

1 टिप्पणी:

  1. पिता पुत्री का स्नेह ......... सबसे प्यारा ........!! शुभकामनायें !!

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