सोमवार, 25 अप्रैल 2016

लेबल



सुनो बंधु ,
आज तक तुम मुझे लेबल देते रहे   
'अशुद्ध' का 
और 
प्रतिबन्ध लगाते रहे 
मेरे हर मार्ग पर ...

पर 
अपने को न बचा पाए 
और सिद्ध हुए 

एक अशुद्ध से जना ... 
एक जना ... 

- निवेदिता दिनकर 
  25/04/2016

फ़ोटो क्रेडिट्स: उर्वशी दिनकर  

2 टिप्‍पणियां:

  1. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (27-04-2016) को "हम किसी से कम नहीं" (चर्चा अंक-2325) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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