सुनहरा एहसास .....पल पल की ....धडकनों से गुजरती हुई स्याही तक का सफ़र ....
बहुत खूबसूरत . बहुत स्तरीय कविता. बधाई आपको.
नीरज, तुम्हारे आशीर्वचन ने मुझे दोबारा उत्साहित किया है .....वर्ना मैं तो समझ बैठी थी कि मेरी रचना ध्यान देने के काबिल ही नहीं । तहे दिल से शुक्रगुज़ार ।
निवेदिता : उत्कृष्ठ अभयगान. भाषा जितनी सहज होगी उतनी रचना जनाभिमुख होगी-
Raju, तहे दिल से शुक्रिया । आपका कमेंट सर आँखों पर | ऐसे ही ब्लॉग पर पधारते रहिये और हमारा मार्गदर्शन करते रहिये .....
khubsurat rachna nivedita ji........
बहुत खूबसूरत . बहुत स्तरीय कविता. बधाई आपको.
जवाब देंहटाएंनीरज, तुम्हारे आशीर्वचन ने मुझे दोबारा उत्साहित किया है .....वर्ना मैं तो समझ बैठी थी कि मेरी रचना ध्यान देने के काबिल ही नहीं । तहे दिल से शुक्रगुज़ार ।
हटाएंनिवेदिता : उत्कृष्ठ अभयगान. भाषा जितनी सहज होगी उतनी रचना जनाभिमुख होगी-
जवाब देंहटाएंRaju, तहे दिल से शुक्रिया । आपका कमेंट सर आँखों पर | ऐसे ही ब्लॉग पर पधारते रहिये और हमारा मार्गदर्शन करते रहिये .....
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